
विद्यालय पुस्तकालय
विद्यालय का पुस्तकालय शैक्षिक वातावरण का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास में सहायक संसाधनों से समृद्ध केंद्र के रूप में कार्य करता है। यह केवल पुस्तकों का संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि एक ऐसा गतिशील स्थान है जो पढ़ने के प्रति रुचि विकसित करता है, बौद्धिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करता है तथा आजीवन सीखने की भावना को बढ़ावा देता है।
विद्यालय पुस्तकालय के कार्य
केंद्रीय विद्यालय पिथौरागढ़ का पुस्तकालय विद्यार्थियों की शैक्षणिक सफलता एवं बौद्धिक विकास के लिए आवश्यक विभिन्न कार्यों का निर्वहन करता है। विद्यालय पुस्तकालय के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- विद्यालय के शैक्षिक कार्यक्रमों एवं सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में सहायक उपयुक्त दस्तावेज एवं जानकारी उपलब्ध कराना।
- शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुसार सभी विषयों की पाठ्यपुस्तकें एवं अतिरिक्त पठन सामग्री उपलब्ध कराना।
- बच्चों में पढ़ने के प्रति रुचि विकसित करने के लिए सरल एवं उपयोगी सामग्री तथा बड़े एवं स्पष्ट अक्षरों वाली चित्रात्मक पुस्तकें उपलब्ध कराना।
- शिक्षकों के शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के लिए पुस्तकों, सीडी, श्रव्य-दृश्य सामग्री आदि के रूप में नवीनतम शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराना।
पुस्तकालय का क्षेत्रफल: लगभग 80 × 100 फीट
| क्रम संख्या | मद | कुल |
|---|---|---|
| 1 | पुस्तकें | 8078 |
| 2 | पाठ्यपुस्तकें | हिन्दी में: 207, अंग्रेजी में: 205 |
| 3 | संदर्भ पुस्तकें | हिन्दी में: 105, अंग्रेजी में: 417 |
| 4 | उपन्यास | हिन्दी में: 2336, अंग्रेजी में: 2158 |
| 5 | गैर-उपन्यास | हिन्दी में: 2557, अंग्रेजी में: 2341 |
| 6 | पुस्तक शेल्फ | 414 |
| 7 | डेस्कटॉप | 8 |
| 8 | प्रोजेक्टर | 1 |
| 9 | प्रिंटर | 1 |